July 25, 2019

–सिर्फ सीखो मत , अनुभव करो–

never give up | कभी भी हार मत मानना

never give up  | कभी भी हार मत मानना 

 

इसदुनिया में सब कोसफलता चाहिए कोई ऐसा नहींहोगा जिसे सफलता पसंदना  हो  | हा सबके लिएसफलता के मायने एकसे नहीं होते किसीबिज़नेस मेन  के लिए पैसाकमाना तो किसी स्टूडेंटको अच्छे नंबर लाना उनकेलिए सफलता होती है

never give up  | कभी भी हार मत मानना
never give up  | कभी भी हार मत मानना 


परचाहे आप कुछ भीपाना चाहते हो कुछ भीबनना चाहते हो | एक चीज़है जो आपको  सीखनीपड़ेगी वो है                                                        never give up ( हार ना  मानना)   | 




मैंनेबहोत से लोग देखेहै जो कर तोबहोत कुछ सकते हैपर उन्होंने  हार  के डर से  कभी कोशिश ही नहीं की| उनमे इतनी काबिलियत थीकी वो कुछ बड़ाकर सकते थे परथोड़ी मुश्किल क्या आगयी अपनारास्ता ही बदल लियाऔर भटक गए | शायदवो बिना डर के  कोशिश करते तो उसीरास्ते पे मुश्किल कोहरा के आगे बढ़तेतो हालत कुछ औरहोते


सफलहोंगे या असफल ये  बाद में वो कामकरने पर  पता चल हीजायेगा पर अगर नहींकरोगे तो कभी सफलनहीं हो पाओगे  येपक्का है

मेंआपको सचिन तेंदुलकर कीएक कहानी बताता हु :-
जैसाकी आपको पता हैकी सचिन तेंदुलकर कोक्रिकेट का भगवान कहतेहै | पर सचिन कोक्यों क्रिकेट का  भगवान  कहा जाता है| तो अब आप कहोगेउन्होंने १०० centuries (शतक ) बनाये है और भीबहोत कुछ किया हैसचिनऔर भी बहोतकुछ  बताओगे | पर इससे भीमहत्वपूर्ण बात आपको पताहै जिसके वजह सचिन कोकई दिग्गज खिलाडी अपनी प्रेरणा मानतेहै  |


  सचिन १६ सालके थे और अपनापहला मैच पाकिस्तान केखिलाफ खेल रहे थेऔर जब मैच चालूथा इंडिया की बैटिंग उतनीअच्छी नहीं हो रहीथी क्युकी पाकिस्तान के तेज गेंदबाजलगातार विकेट्स  निकाल  रहे थे | औरफिर  सचिन बैटिंग परआये और सामने शोएबअख्तर गेंदबाजी कर रहे थेजो की उस समयके सबसे तेज गेंदबाजथे और पहली हीगेंदे सचिन के आँखोंके सामने से चली गयी| वो बहोत घातक बाउंसरथा |


  और अगली गेंदफिर शोएब अख्तर नेबाउंसर डाली पर इसबार सचिन के मुँहपे गेंद लगी औरखून निकलने लगा सारे प्लेयरदौड़ते हुए सचिन केपास पहुंचे और उसकी हालतदेखते हुए उसे वापसचलने को कहा थोड़ीदेर बाद खून निकलनाबंद हुआ सबको लगासचिन बहार चले जायँगेऔर फिर जब कप्तानने कहा चलो तोसचिन ने कहा  नहीं में खेलेगा 
जहापे बड़े बड़े बल्लेबाज़पाकिस्तान की तेज गेंदबाजीके सामने घुटने टेक रहे थे  तभी एक छोटा लड़काचोट लगने के बावजूतउनका मुकाबला करना चाहता था  वो चाहता तो जा सकताथा कोई उसे कुछनहीं कहता पर उसने  हार  ना  मानते हुए खेलने  काफैसला किया

औरबड़े क्रिकेट ज्ञानी यो ने तभीअंदाजा लगा लिया थाकी यह बहोत बड़ाखिलाडी बनेगा |  

इसीहार  मानने केज़ज़्बे की वजह सेआज वे क्रिकेट केदेवता है | अगर वोतब  हार मान  केबहार चले जाते तोआज सचिन तेंदुलकर क्रिकेटके भगवान्  ना होते

जीवन  में कुछ भी पानाहो तो आपको येसमझना होगा की आपकोअभी भी हार  नहींमाननी है | अगर आपनेये सिख  लिया तो आपका९०% काम वही पूराहो जायेगा

सबकेजीवन में मुश्किल आतीहै हमे किसी दूसरेको देख के लगताहै | यार क्या सहीजीवन है उसका इतनामस्त है वो

परये बिलकुल गलत है उसेभी कोई कोईमुश्किल आती है परएक सफल  और असफल व्यक्तिमें बस  इतना फरक हैकी वो सफल व्यक्तिउस मुश्किल को हरा करआगे बढ़ता है औरअसफल व्यक्ति उस मुश्किल सेडरकर पीछे ही रहजाता है

एकसफल व्यक्ति मुश्किल को जित केरूप में देखता हैऔर एक असफल व्यक्तिउसी मुश्किल को हार केरूप में देखता है | 
बस नज़रिये का फर्क है





अगरआप अपना नज़रिया औरसोच बदल दो तोआप   किसी भी मुश्किलको एक मोके केरूप में देखने लगजाओगे | जिसे पार करकेआप मंजिल के और करीबपोहोच  जाओगे | ऐसा आपको लगेगा


औरअपने आप ही जबतक आप उस मुश्किलपार ना कर लो  तब तक हार नहींमानोगे
कभीआपने चीटियों को देखा हैवो अपने वजन सेइतना ज्यादा वजन उठा लेतीहै  | और मंजिल तकपहोचने तक इतनी बारवो चीज़ गिरती हैपर चींटी   कभी हार नहींमानती फिर उसे उठाकर चलने  लगती है






वैसेही आप के ऊपरइतना भी वजन होइतनी भी बड़ी मुश्किलक्यों हो परआप को उससे लड़नाहोगा उसे हराके अपनारास्ता बनाना होगा तभी आपअपने मंजिल तक  पोहोच  पाओगे
औरजब आपने  बार  बार अपने मुश्किलको हरा दिया तो  उसके बाद आपको उसकीआदत हो जाएगी क्युकीआपको पता होगा कीइसके बाद आपको क्यामिलेगा और ऐसे हीआप किसी भी मुश्किलको हराने का होसला रखोगेचाहे वो आपकी मुश्किलहो या किसी औरकी
जीवनमें सब गिरे हैऐसा कोई नहीं होगाजो गिरा होपर वो उठ केफिर चलने लगे इसीवजह से वे आजकिसी बड़े स्थान पेहै




जिनकीतरह आप बनाना चाहतेहो उनके बारे मेंपढ़ो उन्होंने क्या किया येसमझो | वो भी कभी कभी गिरे होंगेउन्हें भी मुश्किलें आयीहोगी उन्होंने ऐसे समय मेंक्या किया कैसे अपनेमुश्किलों पे जित हासिलकी ये जानो औरफिर अपने जीवन मेंभी उन सारि चीज़ोका इस्तेमाल करों 
औरफिर देखो कैसे आपकोहर मुश्किल छोटी दिखाई देतीहै क्युकी तब आपका ध्यानमुश्किल पे नहीं बल्किआपके  लक्ष्य  पे होगा
जबतक आप अपनी समस्याओंएंव कठिनाइयों की वजह दूसरोंको मानते है, तब तकआप अपनी समस्याओं एंवकठिनाइयों को मिटा नहींसकते|
जबतक अपनी समस्याओ कीवजह खुद को नहींमानते तब तक वोसमस्याएं कभी नहीं सुलझेंगी 
इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं| हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है, जो आज तक हमने नहीं सोचा|