best quotes of sandeep maheshwari | संदीप माहेश्वरी के सर्वश्रेष्ठ उद्धरण

best quotes of sandeep maheshwari | संदीप माहेश्वरी के सर्वश्रेष्ठ उद्धरण

best quotes of sandeep maheshwari | संदीप माहेश्वरी के सर्वश्रेष्ठ उद्धरण

ऐसा कोई नहीं होगा जो इस इंसान को पहचानता न हो | हर कोई इस आदमी का फैन है और हो भी क्यों ना ये आदमी है ही फैन बनने लायक। जी है आज हम संदीप माहेश्वरी के कुछ उद्धरण समझेंगे।

अगर आप उस इंसान की तलाश कर रहे हैं जो आपकी ज़िन्दगी बदलेगा, तो आईने में देख लें।

संदीप कहते है की अगर कोई तुम्हारी किस्मत बदल सकता है तो वो तुम खुद हो। आप हमेशा कीसी और की राह देखते रहते हो की कोई आएगा जो तुम्हारी किस्मत बदलेगा पर ऐसा कुछ नहीं होता।  आप की किस्मत आपके ही हातो में है बस खुद को पहचानने की देरी है। और आपकी किस्मत पलटाने वाला  आपको आयने में ही दिख जायेगा

जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते वे कुछ नहीं बदल सकते.

कही बार हमारी सोच हमारे कामयाबी का सबसे बड़ा पथ्थर साबित होती है।  और बादमे  हमें बहोत पछतावा होता है | पर सोच कभी भी बदली जा सकती है  ये तो आप के ऊपर है की आपको अपनी सोच कैसी रखनी है बड़ी या छोटी

गलतियां इस बात का सुबूत हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं

मैंने कई बार बताया है की कामयाबी उन्हीको मिलती है जो डरता न हो।  जब आप कुछ नया करोगे तो गलतिया तो होगी ही। तभी उन गलतियों को सुधारकर
उस चीज़ को और बेहतर बना सकते हो। और जो गलतिया करता है वो समझ जाये की हम अच्छा कुछ नया सिख रहे है।

जिस नज़र से आप इस दुनिया को देखेंगे, ये दुनिया आपको वैसी ही दिखेगी.

आपने कई लोगो को देखा और सुना होगा ये कहते हुए की वो आदमी ऐसा हो औरत वैसी है बुराई कर रहे होते है किसी न किसीकी। पर कभी किसीको ये बोलते हुए नहीं सुना या देखा होगा की मेरे वजह से कुछ हो गया मैंने कुछ गलत किया। तो आप अगर अपना नज़रिया बदल दो तो ये दुनिया भी आपको वही नजर से देखेगी जैस आप देखते हो।

चाहे तालियां गूँजें या फीकी पड़ जाएँ, अंतर क्या है ? इससे मतलब नहीं है कि आप सफल होते हैं या असफल. बस काम करिये, कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता.

तो संदीप कहना चाहते है की इससे मतलब नहीं है की आप क्या काम करते हो या आप सफल होते हो या असफल इससे ज्यादा फर्क पड़ता बस आप काम करते रहिये आपको  किसीकी तालिया सुनाई दे या गालिया बस रुकना नहीं है |

न मैदान छोडो, न इंतज़ार करो… बस चलते रहो.

ज़िन्दगी किसीके लिए नहीं रूकती तो नहीं किसीके लिए रुकना है और  नाही  किसीसे डर के मैदान छोड़ना है बस लगे रहना है |

पैसा उतना ही ज़रूरी है जितना कार में पेट्रोल, न कम, न ज्यादा.

  जैसे गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल की जरुरत होती है वैसे ही ज़िन्दगी जीने के लिए पैसे की जरुरत है। जैसे गाड़ी में ज्यादा पेट्रोल नहीं भर सकते नहीं तो वो बह जाता है वैसे ही ज़िन्दगी में ज्यादा पैसा कमाना कोई काम का नहीं होता  उतना ही  चाहिए जितनी जरुरत हो।

ज़िन्दगी में कभी भी कुछ करना है तो सच बोल दो, घुमा-फिरा के बात मत करो।

जो अपनी बात नहीं रख सकता वो बुद्धिमान होक भी मुर्ख ही कहलाता है।  इसलिए अपनी बात रखना सीखो ज्यादा बातो को घुमाओ नहीं।  जो हे वो सीधे साफ शब्दों में कह दो।

सक्सेस एक्सपीरियंस से आती है और एक्सपीरियंस बैड एक्सपीरियंस से।

किसीभी चीज़ को अच्छा करने के लिए अनुभव होना बहोत जरुरी पर आपको अनुभवी होने के लिए आपके साथ पहले बुरे अनुभवों क होना जरुरी है।

अपनी life की छोटी से छोटी problems बड़ी से बड़ी problems उसमे जा कर के इन दो words को चिपका दो, अंदर से जिस दिन आवाज आने लग गयी न.. “आसान है ”, उस दिन सबकुछ सबकुछ सच मे आसान हो जाएगा.. और यही मेरी life का सबसे बड़ा secret है सबसे बड़ा… “आसान है !” इसकी power को under estimate मत करो … इसने मेरी ज़िन्दगी बदली है !

 शब्द बोहोत शक्तिशाली है “आसान है ” किसी भी मुसीबत को आप हरा सकते हो अगर आपको ये बोलना आगया की “आसान है “| फिर चाहो कितनी ही बड़ी मुसीबत क्यों न हो दिल से एक ही आवाज आएगी “आसान है ” |

जो मन करे करो खुल के करो क्योंकि ये दिन दुबारा नही आने वाला।

संदीप कहते है की जो शन है उसमे जीना सीखो। जो करना है करो किसीकी चिंता मत करो की कोई क्या सोचेगा बस अपने हिसाब से जिओ क्योकि ये शन ये दिन वापस नहीं आने वाला।

इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या सोचते हैं, आप क्या बोलते हैं, आप क्या सुनते हैं, फर्क इससे पड़ता है कि आप क्या मानते हैं… क्योंकि जो आप मानते हैं आज नहीं तो कल आप वो बन जाते हैं.

आजकल कोई भी किसीके भी बातो में आ जाता है। इसने कहा ये सही है तो सही है अगर किसीने कहा की गलत है तो गलत  पर कोई अपना मत नहीं बनाता। तो  आप चाहे कुछ भी सुनो कुछ भी बोलो या सुनो बस खुदको अच्छा मानो खुद को अच्छा बनाओ तभी आप वैसे बनोगे।

न भागना है न रुकना है …बस चलते रहना है … चलते रहना है..

अगर हम ज्यादा तेज जायेंगे तो थोड़ी दूर जाके थक जायेंगे और अगर रुक गए तो हमें मंजिल तक पोहचने में देर होगी तो नहीं तेज जाना है नहीं रुकना है बस कहलते रहना है तो आप अपना  सफर अच्छे से तय कर पाएंगे।

मैं अपने सेमिनार्स फ्री में करता हूँ….जिंदगी में कभी कोई भूखा मिले तो उसे खाना खिला देना, मुझे मेरे पैसे मिल जायेंगे।

शायद आपको पता होगा की संदीप माहेश्वरी बिलकुल फ्री में सेमिनार लेते है और उन्हें अगर किसीको खुद से पैसे देने हो तो उसका एक जरिया है अगर आपको  कोई भूका मिले तो बस उसे खाना खिला देना उन्हें उनके पैसे मिल जायेंगे।

जिस दिन आपने खुल करके अपनी ज़िन्दगी जी ली बस वही त्यौहार है बाकी सब बस कैलेण्डर की डेट्स हैं।

इसे फर्क नहीं पड़ता आप कितने साल ज़िंदा रहे ६०-७० ये बस आकड़े है ये मायने रखता है की आप जिए कितने दिन। वैसे तो साल में ३६५ दिन होते है पर जिस दिन आप खुल के जीते हो वोही आपकी ज़िन्दगी कदिन है वार्ना बाकि सब तो बस केलिन्डर की तारखे हे

सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग।

संदीप कहते है कैंसर या टीबी ये बड़े रोग है पर इससे भी बड़ा रोग है हमारा ये समझना की “लोग क्या कहेंगे”| तो लोग क्या कहेंगे इससे ज्यादा आप क्या क्या इसपे ध्यान दीजिये।

सीखो सबसे लेकिन फॉलो किसी को मत करो।

सीखना हमारे लिए बहोत जरुरीं है हमें नयी और बेहतर चीज़े सीखनी चाहिए पर आखिर में वही करना चाहिए जो हमारे लिए सही हो जो हमें अच्छा लगता हो किसीको फॉलो नहीं करना है।

जब desire को choose करना ही है… तो बड़े से बड़ा choose करो ना….. बड़े से बड़ा…… दुनिया का सबसे बड़ा।

संदीप का मानना  है अगर हमें सपने देखने की छूट है तो छोटे-मोटे सपने क्यों देखना | बड़े सपने देखो सबसे बड़े और उन्हें पुरे करने के लिए मेहनत करो।

सीखते रहना है जो सीख रहा है वो जिंदा है जिसने सीखना बंद कर दिया… वो जिंदा लाश है।

सीखना यानि खुदको विकसित  करना हम अगर सीखना बंद कर दे तो हमारी ज़िन्दगी बिलकुल बेजान पत्थर की तरह हो जाएगी। हम इंसान है  हमारा निर्माण  सिखने के लिए हुआ है वार्ना  हम एक ज़िंदा लाश के सिवाय कुछ नहीं।

याद रखिये हर बड़े की शुरुआत छोटे से होती है।

हमारा सबका सपना होता है की हम बहोत बड़े बने कुछ बड़ा करे और सब को कुछ बड़ा करना होता है पर आपको छोटे से शुरवात करनी होगी तभी आप उसे बड़ा कर सकते हो।

हर करीयर में ऊपर कहाँ तक जाया जा सकता है इसकी कोई लिमिट नहीं है…

आपके क्षेत्र में कोई expert(एक्सपर्ट) हो सकता है पर कोई perfect(परफेक्ट) नहीं | यानि कोई भी किसी चीज़ को बिलकुल सही नहीं कर सकता बेहतर बना सकता है पर बिलकुल सही नहीं।

हर सिचुएशन में अच्छाई भी है बुराई भी है…हर इंसान में अच्छाई भी है बुराई भी है….चॉइस हमारे हाथ में है कि हम क्या देखते हैं…

हर व्यक्ति के तो पहलु होते है एक अच्छा और एक बुरा और हमें चयन करना होता है की उसकी बुराई देखनी है या उसकी अच्छाई।

अगर हमें अपने desires को बदलना आ जाये तो हमारी किसमत बदल जायेगी।

अगर हमेंअपने अरमान समझ जाये और हमें उन्हें बदलना आ जाये तो हमाँरी किस्मत बदल जाएँगी।

जब हम किसी और को सलाह दे रहे होते हैं तो बड़ी अच्छी सलाह देते हैं लकिन जब हम खुद ही उस सिचुएशन में होते हैं तो बेवकूफों की तरह एक्ट करते हैं!

इसका मतलब है की हमें स्वयं पे काबू पाना होगा अगर हमें बहार किसको कुछ बताना है। अगर बहार कुछ बदलना है तो खुद को संभालना आना चाहिए।

तो आपको ये आर्टिकल कैसा लगा इसे कमेंट करके जरूर बताएगा। और किसीको कुछ भी आईडिया या स्टोरी शेयर करनी हो तो वो ईमेल करे।  हम जरूर आपकी मदत करेंगे। अगर आर्टिकल अच्छा लगा हो तो शेयर जरूर करे। 

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