September 5, 2019

–सिर्फ सीखो मत , अनुभव करो–

how to control emotions in hindi | भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें

दोस्तों आज में आपको भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें इसके बारे में बताउगा इसे समझ के आप और भी ज्यादा बुद्धिमान हो  उपयोग आपको आपके करियर में होगा आपको हर बुरी स्तिथि में इसका उपयोग होगा। इससे आपको सबसे बड़ा फायदा ये होगा की क्यों कुछ लोग आपको पसंद करते है और कुछ लोग नहीं।

how to control emotions in hindi | भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें
how to control emotions in hindi | भावनाओं को कैसे नियंत्रित करें 

तो अब आपको लग रहा होगा की  भावनाओ पे नियंत्रण पा कर ये सब चीज़े कैसे हो जाएगी तो इसके लिए हम एक उदाहरण लेते है

तो मान लीजिये की आपकी नौकरी छूट गयी है और आप बहोत ज्यादा तनाव में है और में आपको एक गणित का प्रश्न छुड़ाने के लिए कहु तो जाहिर है की आप बहोत गुस्सा हो जाओ और मुझे गालिया दो या तो फिर वो प्रश्न मेरे मुँह पे फ़ेकर  झगड़ा करो तो यहाँ पे आपका दिमाग आपको कोई प्रश्न छुड़ाने से रोक रहा है आपको बेवकूफ बना रहा है

और अगर अब हम समझे की आपका  मूड बेहत अच्छा है और तब में आपको ये प्रश्न दू तो आप इसे आसानी से छुड़ा दोगे या तो कोशिश तो जरूर करोगे अगर आप मेरे जैसे गणित में कच्चे हुए तो।

सबको पता होगा की हमारे दिमाग की शमता IQ के अनुसार तय होती है पर क्या आप ये जानते हो की हमारे दिमाग में EQ ( emotional intelligence ) भी होता है जो बहोत ताकतवर और जरुरी है। अगर कोई इंसान बहोत होशियार है पर उसे अपनी भावनाओ पे नियंत्रण नहीं तो वो ज्यादा आगे नहीं जा पायेगा तो इसे जानते है और इसमें सुधारना कैसे करे ये समझते है।

१ अपनी भावनाओं को जानें | Know your feelings 

अपनी भावनाओं को जानें | Know your feelings

            अपनी भावनाओं को जानें | Know your feelings 

तो आपको ये पता होना चाहिए की भावनाओं को कैसे महसूस करना है। कभी आपके साथ ऐसा हुआ है की आपको किसीके बात पे एकदम से गुस्सा आगया हो या तो कभी आपके मम्मी ने आपको कहा हो रूम साफ करने को और एकदम से आप चीड़ गए और बहोत चीड़ आने लगी हो बात कुछ भी नहीं फिर भी आपको वैसा महसूस हुआ शायद क्योकि  आपका दिन अच्छा ना बित रहा हो या किसी और वजह से पर आपको अच्छा नहीं लगा और आपको सोचने पर भी पता नहीं चल रहा होगा की आप क्यों चीड़ रहे हो।

तो इसके लिए आपको आप जब भी ऐसा कुछ महसूस करो तो उसे कही पे लिख लिया करो की आपने अभी ऐसा महसूस किया तब आप ये नहीं सोचना है की क्यों ऐसा महसूस हुआ आपको बस अपने भावनाओ को समझना है और उनपे ध्यान देना है जब आप ऐसा करोगे तो आपको समझ में आ जायेगा की आपका ऐसा क्यों महसूस होता है शायद हो सकता है  आपको  सोशल मीडिया पे समय देने के बाद  अच्छा नहीं लगता होगा तो उन सब चीज़ो का इस्तेमाल काम करके देख लीजिये तो आप अपने भावनाओ के ऐसे जान सकते हो और उन अच्छा कर सकते हो।

२ अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना सीखें | Learn to control your emotions

अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना सीखें | Learn to control your emotions

                    अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना सीखें | Learn to control your emotions

दुनिया में ३ तरह के लोग होते है जो में आपको आखिर  में बताउगा और हमें ३ तरह का इंसान बनाना है।

उदासी 

तो हमें ख़ुशी वाली भावनाओंसे कोई दिक्कत नहीं होती पर हमें सबसे ज्यादा दो प्रकार की भावनाओ से दिक्कत होती है उदासी और गुस्सा।  में आपको बता दू की कोई भावना गलत नहीं होती क्योकि ये हमारे प्रकृति का हिस्सा है पर इसे फर्क पड़ता है की हम इसे कैसे सँभालते है। तो कोई लोग जब दुखी होते मान लेते है किसिका ब्रेक-अप  होगया तो वो और दुखी होता रहेगा गम भरे गाने सुनकर या तो गम भरी कहानिया सुनकर। पर ये बहोत ही बेकार तरीका है दुख को संँभालनेका

जबकि ऐसा करने पर आप भी ज्यादा दुखी होते हो और ऐसी चीज़े आकर्षित करते हो जो और भी जयदा दुखी कर दे।  आकर्षण के बारे में जानने के लिए यहाँ  क्लिक करे। तो ऐसे में आपके लिए सबसे बढ़िया तरीका होगा अपने शरीर को हिलना मेरा मतलब आपको ऐसे में कसरत करनी चाहिए जो आपको जरूर बेहतर महसूस करवाएगा ये तो आप थोड़ी देर के लिए पैदल घूमिये ये भी बहोत अच्छा तरीका होगा।

गुस्सा 

तो गुस्सा हमारा सबसे खतरनाक भावना है। क्योकि गुस्सा बहोत ज्यादा हो जाये तो दिमाग काम करना बंद कर देता है पर अगर आपको जुडा गुस्सा ना आरहा हो तो आप उस परिस्थिति में नकारात्मक सोचके और गुस्सा होने के बजाय सकारात्मक सोचके उस परीस्थिति को काबू कर लो। अगर आपकी दुर्घटना हो गयी तो चिल्लाने की बजाय ऐसा सोचो की शायद उसे अस्पताल जाना होगा ऐसा जरूर नहीं की सचमे वो अस्पताल ही जा रहा होगा पर इस वजह से आप गुस्से पर काबू प् लोगे।

और अगर किसिका गुस्सा बहोत बाद जाये तो अच्छा होगा की आप वह से चले जाये और उसका या आपका दिमाग ठंडा होने पर उसके बारे में विचार करे।

३. खुद को प्रेरित करने के लिए भावनाओं का उपयोग करें | Use emotions to motivate yourself

आशा और आशावाद इसको आप सकारत्मक सोच भी कह सकते है तो ये  हमारे दिमाग के २ सबसे ज्यादा ताकतवर और प्रेरणा देने वाली भावनाये है। कोई भी भावना इनसे ज्यादा लम्बी नहीं चलती। आशा का मतलब यही की आप किसी भी परिस्थिति में यूए सोचो की मेरे साथ अच्छा ही होगा और आशावाद का मतलब है की आप सोचते हो जो हुआ अच्छे की लिए ही हुआ। और जो कुछ भी हो रहा है उसमे मेरा ही फायदा है। आशा इतनी ताकतवर हगोटी है की किसी को मौत के मुँह से बहार निकल सकती है।

खुद को प्रेरित करने के लिए भावनाओं का उपयोग करें | Use emotions to motivate yourself

खुद को प्रेरित करने के लिए भावनाओं का उपयोग करें | Use emotions to motivate yourself

आप रात को एक जगह उन सारी बुरी चीज़ो के बारे में लिखो जो जो दिन भर में आपके साथ हुए और फिर उसीके बगल में ऐसा लिखो की जैसे उन घटना के  वजह से आपके साथ कुछ अच्छा हुआ कुछ भी उनका कोई मेल हो या नहीं बस ऐसे लिखो इस वजह से आपका दिमाग वैसे ही सोचना चालू कर देगा और आप हर समय सकारात्मक रहोगे।

४ दूसरे लोगों की भावनाओं को समझें | Understand other people’s feelings

आप तब ताकि किसी की भावनाओ को नहीं समझ सकते जब तक आप अपने खुदके भावनाओंको न समझे। अगर हमें रस्ते से जाते हुए कोई भिकारी दिखता है तो हमें दया आती है हम इसे सहानुभूति कहते है। पर और एक तरह की सहानभूति होती है जो हम किसी के लिए भी महसूस करते है इसका दुःख, सुख ,हसी ,रोना हमें अपना लगता है इस प्रकार की सहानिभूति आपमें होना जरूरी है।

दूसरे लोगों की भावनाओं को समझें | Understand other people's feelings

दूसरे लोगों की भावनाओं को समझें | Understand other people’s feelings

मैंने कहा था की लोग ३ प्रकार के होते है | I said that there are 3 types of people

१ जिनको पता नहीं होता की उनके साथ क्या हो रहा है और वो किसी भावना को बदलनेकी कोशिश भी नहीं करते।

२ जिनको समझता तो  है की ऐसा क्यों हो रहा है पर वो भी इन भावनो को बदल  नहीं पाते।

३ जिंजको समझता भी है और वो भावनाओ को बदलते भी है।

तो आपको मेरा आर्टिकल कैसा लगा कमेंट में जरूर बताये और ये भी बताये की आपके साथ कभी ऐसा कोई किस्सा हुआ जब आपको कुछ समझ न आया हो हमें पढ़ने में अच्छा लगेगा और सिखने को भी मिलेगा। धन्यवाद।